Nehru articulated the concept of scientific temper in 1946. The term “scientific temper” is contemporary but appeals to rational enquiry are not new to Indian ethos. Nehru’s vision of scientific temper should be seen in the context of his understanding of science and religion for a better appreciation. For Nehru science was not merely an […]
Read Moreहिंदुत्व ब्रिगेड ने एक तरह से उपनिवेशवादी विरोधी या सामाजिक गुलामी विरोधी प्रतीकों का रफ़्ता-रफ़्ता मामूलीकरण किया है या उन्हें बिल्कुल ही गायब कर दिया है। ख़बरों के मुताबिक इस बार 14 नवम्बर–जिसे हम जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के साथ जोड़ कर देखते आए थे – तमाम स्कूलों में बिल्कुल अलग ढंग से मनाया गया, […]
Read MoreNo matter what version of fascism, any supporter of fascism; every pro of fascism was irritated with Nehru, is irritated and will always be irritated: Prof. Purushottam Agarwal ctc -‘KHABREE ADDA’ YouTube channel.
Read Moreयह एक अलग ही तरह की किताब है।यह किसी प्रधानमंत्री की लिखी किताब नहीं है, उनके सरकारी भाषणों का संकलन नहीं है।एक लेखक की, एक प्रकृति प्रेमी की, जनजीवन से जुड़े एक व्यक्ति की लिखी किताब है, उनके राजनीति से इतर लेखों का संकलन है।यह ऐसी किताब है,जो अभी तक जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं, […]
Read Moreस्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी, देश के पहले प्रधानमंत्री और बच्चों के चाचा नेहरू का बनारस से कुछ अलग सा रिश्ता रहा। वह देश राजनेता, कार्यकर्ता और मेहमान के अलावा मेजबान बनकर भी बनारस आए थे। स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी, देश के पहले प्रधानमंत्री और बच्चों के चाचा नेहरू का बनारस से कुछ अलग सा रिश्ता […]
Read Moreयहां देश के दो महान नेताओं के आपसी सम्बंध से जुड़े पत्राचार के अंश हैं। पं. नेहरू ने सरदार पटेल कोमें शामिल करने हेतु पत्र भेजा, सरदार पटेल ने पत्र का जवाब किसी औपचारिकतावश नहीं लिखा थाबल्कि यह उन दोनों के साझे संघर्ष की प्रगाढ़ता थी । सरदार पटेल को मंत्रिमंडल में शामिल करने हेतु […]
Read More(सरदार पटेल का पत्र व्यवहार, 1945-50, प्रकाशक नवजीवन पब्लिशिंग हाउस, अहमदाबाद ) “अब चूंकि महात्मा हमारे बीच नहीं हैं, नेहरू ही हमारे नेता हैं। बापू ने उन्हें अपना उत्तराधिकारीनियुक्त किया था और इसकी घोषणा भी की थी। अब यह बापू के सिपाहियों का कर्तव्य है कि वे उनकेनिर्देश का पालन करें और मैं एक गैरवफादार […]
Read Moreभारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत कई व्यक्ति व संगठन जवाहरलाल नेहरू कोकश्मीर समस्या के लिए जिम्मेदार मानते हैं। परंतु इसके विपरीत पूरे विश्वास से यह दावा किया जासकता है कि यदि जवाहरलाल नेहरू और शेख अब्दुल्ला नहीं होते तो जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा नहींबन पाता। भारत को आजादी देने के लिए ब्रिटिश […]
Read Moreकई सालों पहले, समाजशास्त्री त्रिलोकी नारायण पाण्डेय ने मुझसे एक घटना का ज़िक्र किया था, जो जवाहरलाल नेहरू और हिंदी के प्रसिद्ध कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ से जुड़ी हुई थी। प्रधानमंत्री नेहरू तब अपनी चीन की यात्रा से लौटे ही थे और अपने गृहनगर इलाहाबाद में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। वह इलाहाबाद, […]
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