Nehru

आज़ाद हिंद फौज से बहुत पहले निर्वासित सरकार बनाने वाले मौलाना बरकतउल्ला

June 8, 2026

जो लोग एक अच्छा संस्थान नहीं बना पाए, वे भोपाल की उस महान हस्ती के नाम से बनी यूनिवर्सिटी का नाम बदल रहे हैं जिसने आज़ाद हिंद फौज से बहुत पहले एक निर्वासित सरकार बनाई थी। जो लोग एक अच्छा संस्थान नहीं बना पाए, वे भोपाल की उस महान हस्ती के नाम से बनी यूनिवर्सिटी […]

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नेहरु का सपना : पीयूष बबेले

May 30, 2026

21 अप्रैल 1956 को नेहरू न सिर्फ IIT खड़गपुर से पास हुए देश के पहले 150 इंजीनियर्स के दीक्षांत समारोह में पहुंचे तो उनसे कोई बांध या पुल बनाने की बात नहीं कर रहे थे. नेहरू कह रहे थे कि बहुत नाजुक वक्त है, बड़े बदलाव का वक्त है. हमें इस वक्त में इस मुल्क […]

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नेहरू के मायने है आधुनिक भारत के निर्माण के सपने को तराशने का उत्कृष्ट शिल्प: सतीश कुमार

May 28, 2026

नेहरू के नेतृत्व में राजशाही और सामंतशाही को नेस्तनाबूद कर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का पौधा भारत भूमि पर रोपा गया और हर आशंका को ध्वस्त कर विकसित हुआ। नेहरू ने जो बीज बोया, वो आज वटवृक्ष है। कल 27 मई की ही तारीख थी, जब सन् 1964 में हमने आधुनिक भारत शिल्पी पं.नेहरू […]

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नेहरू को पढ़ें और समझें : हफ़ीज़ अतीक किदवई

May 27, 2026

आज नेहरू की पुण्यतिथि है, हमे पता है उन्हें याद करने में बहुतों की साँस फूलने लगेगी।हर वोह व्यक्ति उन्हें याद करने में कतराएगा जो अपने धर्म के तो करीब है मगर इस मिट्टी से दूर है। ऐसा शख्स जिसने कभी बहाने नही बनाए,अपनी ज़िम्मेदारी किसी दूसरे के कन्धे पर नही डाली ।जब दो टुकड़ों […]

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नेहरू का ‘परिवारवाद’ या स्वतंत्रता संग्राम में परिवार का त्याग?: अजय कुमार

May 27, 2026

एक ही परिवार के कई सदस्य देश की आज़ादी के लिए जेल गए, आंदोलन किए और अपना जीवन दांव पर लगाया, तो क्या उसे भी “परिवारवाद” कहा जाएगा या फिर राष्ट्र के प्रति समर्पण? भारतीय राजनीति में जब भी “परिवारवाद” का मुद्दा उठता है, तब सबसे पहले नेहरू-गांधी परिवार को निशाने पर लिया जाता है। […]

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स्मरण आसफ अली :भगत सिंह के न्यायिक सलाहकार

May 12, 2026

आसफ अली भगत सिंह के न्यायिक परामर्शदाता रहे । भगत सिंह के साथ केंद्रीय असेंबली में बम फेंकने वाले बटुकेश्वर दत्त का भी न्यायालय में पक्ष उन्होंने ही रखा । ब्रिटिश न्यायालय में शहीद – ए – आजम भगत सिंह की पैरवी अधिवक्ता आसफ अली ने ही की थी । आसफ अली भगत सिंह के […]

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सलाम 10 मई 1857: राघवेंद्र दुबे

May 9, 2026

अंग्रेजों के खिलाफ जो संगठित पहला विद्रोह भड़का वह 10 मई 1857 था ,जो बाद में जनव्यापी क्रांति बन गया ।19वीं सदी के पहले 5 दशकों में कई जनजाति विद्रोह भी हुए लेकिन इन सभी आंदोलनों का प्रभाव क्षेत्र बहुत सीमित था। 0 मई 1857 : इत्तेफ़ाक से यही तारीख थी जब मेरठ में विद्रोही […]

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रबींद्रनाथ टैगोर :पहले भारतीय अंतर्राष्ट्रीयतावादी – राघवेंद्र दुबे

May 7, 2026

जन्मदिन : 7 मई ( 1861) पर: टैगोर लिखते हैं, “देशभक्ति हमारा आखिरी आध्यात्मिक सहारा नहीं बन सकता, मेरा आश्रय मानवता है । मैं हीरे के दाम में ग्लास नहीं खरीदूंगा और जब तक मैं जिंदा हूं मानवता के ऊपर देशभक्ति की जीत नहीं होने दूंगा । ..’ पंडित जवाहरलाल नेहरू पर रबींद्रनाथ टैगोर का […]

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नेहरू ने सत्यजीत रे की ‘ पथेर पांचाली ‘ को सराहा था

May 5, 2026

सत्ता प्रतिष्ठान का सिनेमा होने के बजाय ये फिल्में नेहरूवादी राज्य में सामाजिक असमानताओं की आलोचना भी थीं जिसे पंडित नेहरू ‘ प्रमोट ‘ कर रहे थे । पंडित नेहरू यानी वह विश्व राजनेता जिसे अपनी आलोचना पसंद थी । पंडित नेहरू ने फिल्म ‘ पथेर पांचाली ‘ के जरिए न केवल नव-यथार्थवाद ( Neorealism […]

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NEHRU AND NIRALA : Ramachandra Guha

April 27, 2026

This is a wonderful story, which sounds better (and rings truer) in the original Hindi. Recently, I came across some documentary proof that Nehru did, indeed, have both affection and admiration for Nirala. Many years ago, the anthropologist Triloki Nath Pandey told me a story featuring Jawaharlal Nehru and the poet Suryakant Tripathi ‘Nirala’. The […]

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