भारत की जमीन को एक सम्प्रभु देश बनाने वाले निस्वार्थ दानियों , योजनाकरों और निस्वार्थ सेवकों की ये अनमोल गौरवशाली विरासत आज वो व्यक्ति बेचने को टेंडर निकाल रहा है जिसकी न तो खुद ना ही उसकी विचारधारा का इसे बनाने में कोई योगदान है ! आजादी के कुल आठ सालऔर कुल 3 साल का […]
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किसी एथलीट की बांह पकड़ उसे दुलराते किसी प्रधानमंत्री की यह फोटू कल्पनातीत है । यही प्यार और भरोसा किसी को फ़्लाइंग सिख मिल्खा सिंह बना देता है । देश के दमदार धावक व अपनी उपलब्धियों से दुनिया भर में भारत का नाम रौशन करने वाले एथलीट मिल्खा सिंह का निधन 18 जून 2021 की […]
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दुनिया के इतिहास में अर्नेस्टो चे ग्वेरा ( Ernesto Che गुवारा ) का नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित है । इनके फैन्स सिर्फ अमेरिका या अफ्रीका में ही नहीं बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया में आज भी हैं । वह छात्रों-युवाओं के बीच एक फैशन आइकन के तौर पर भी जाने जाते हैं । वे […]
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यह घटना भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास की एक अनूठी मिसाल है—जहाँ एक अत्यंत लोकप्रिय प्रधानमंत्री ने सत्ता छोड़ने की आधिकारिक तौर पर इच्छा जताई। मोदीजी द्वारा नेहरू जी का प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ देने की चर्चा कल से जारी है । RSS/जनसंघ/बीजेपी के नेताओं में नेहरू फोबिया पुरानी बीमारी है । आइये archive से नेहरू […]
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जो लोग एक अच्छा संस्थान नहीं बना पाए, वे भोपाल की उस महान हस्ती के नाम से बनी यूनिवर्सिटी का नाम बदल रहे हैं जिसने आज़ाद हिंद फौज से बहुत पहले एक निर्वासित सरकार बनाई थी। जो लोग एक अच्छा संस्थान नहीं बना पाए, वे भोपाल की उस महान हस्ती के नाम से बनी यूनिवर्सिटी […]
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21 अप्रैल 1956 को नेहरू न सिर्फ IIT खड़गपुर से पास हुए देश के पहले 150 इंजीनियर्स के दीक्षांत समारोह में पहुंचे तो उनसे कोई बांध या पुल बनाने की बात नहीं कर रहे थे. नेहरू कह रहे थे कि बहुत नाजुक वक्त है, बड़े बदलाव का वक्त है. हमें इस वक्त में इस मुल्क […]
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नेहरू के नेतृत्व में राजशाही और सामंतशाही को नेस्तनाबूद कर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का पौधा भारत भूमि पर रोपा गया और हर आशंका को ध्वस्त कर विकसित हुआ। नेहरू ने जो बीज बोया, वो आज वटवृक्ष है। कल 27 मई की ही तारीख थी, जब सन् 1964 में हमने आधुनिक भारत शिल्पी पं.नेहरू […]
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आज नेहरू की पुण्यतिथि है, हमे पता है उन्हें याद करने में बहुतों की साँस फूलने लगेगी।हर वोह व्यक्ति उन्हें याद करने में कतराएगा जो अपने धर्म के तो करीब है मगर इस मिट्टी से दूर है। ऐसा शख्स जिसने कभी बहाने नही बनाए,अपनी ज़िम्मेदारी किसी दूसरे के कन्धे पर नही डाली ।जब दो टुकड़ों […]
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एक ही परिवार के कई सदस्य देश की आज़ादी के लिए जेल गए, आंदोलन किए और अपना जीवन दांव पर लगाया, तो क्या उसे भी “परिवारवाद” कहा जाएगा या फिर राष्ट्र के प्रति समर्पण? भारतीय राजनीति में जब भी “परिवारवाद” का मुद्दा उठता है, तब सबसे पहले नेहरू-गांधी परिवार को निशाने पर लिया जाता है। […]
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आसफ अली भगत सिंह के न्यायिक परामर्शदाता रहे । भगत सिंह के साथ केंद्रीय असेंबली में बम फेंकने वाले बटुकेश्वर दत्त का भी न्यायालय में पक्ष उन्होंने ही रखा । ब्रिटिश न्यायालय में शहीद – ए – आजम भगत सिंह की पैरवी अधिवक्ता आसफ अली ने ही की थी । आसफ अली भगत सिंह के […]
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