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जब नेहरूजी ने दी चंद्रशेखर आजाद को आर्थिक सहायता: पियूष बबेले

February 27, 2026

चंद्रशेखर आजाद के सहयोगी क्रांतिकारी और हिंदी के मूर्धन्‍य साहित्‍यकार यशपाल ने अपनी आत्‍मकथा सिंहावलोकन में इस घटना का वर्णन किया है। वे लिखते है कि मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल क्रांतिकारियों की अक्‍सर आर्थिक मदद करते रहते थे। इलाहाबाद के अल्‍फ्रेड पार्क में पुलिस और क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बीच मुठभेड़ चल रही थी। दोनों […]

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सुकुमार सेन : भारत के प्रथम चुनाव आयुक्त

February 24, 2026

जब नेहरू ने चुनाव जल्दी कराने का दबाव डाला, तो सुकुमार सेन ने प्रधानमंत्री से साफ कहा कि उन्हें इंतज़ार करना होगा।इस टकराव से दोनों के बीच सम्मान का रिश्ता मजबूत हुआ नेहरू ने प्रशासनिक स्वायत्तता का सिद्धांत व्यवहार में लागू किया, और सेन ने साबित किया कि एक ईमानदार नौकरशाह लोकहित के लिए राजनीतिक […]

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जब इंदिरा गांधी ने अपने पूरे गहने राष्ट्र को समर्पित कर दिए

February 8, 2026

सन 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध चल रहा था।इंदिरा गांधी ने अपने निजी सोने के गहने राष्ट्र को समर्पित करने का निर्णय लिया और अपना गहनों का डिब्बा आधिकारिक तौर पर नेशनल डिफेंस फंड में जमा करा दिया। सन 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध चल रहा था और देश […]

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मोतीलाल नेहरू पुण्यतिथि : जलियांवाला बाग नरसंहार ने सब कुछ बदल दिया

February 6, 2026

जलियांवाला बाग व नमक की जादुई शक्ति ने पूरे नेहरू परिवार को गांधीजी का सत्याग्रही बना दिया।उस एक घटना ने मोतीलाल जी की सोच को जड़ से बदल दिया। गांधी के कट्टर आलोचक रहे मोतीलाल अब उनके सबसे बड़े समर्थक बन गए। यह केवल राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि पूर्ण जीवन-शैली का रूपांतरण था। ​इतिहास की […]

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भारतीय राजनीति की ये तहजीब रही कि नेता पर्सनल रिश्तों को उछालने से बचते रहे: पीयूष बबेले

February 5, 2026

हाल-हाल तक भारत की राजनीति की यह तहजीब रही कि नेता पर्सनल रिश्तों को उछालने से बचते थे. कांग्रेस ने कभी न अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्तों पर सवाल उठाया, न जार्ज फर्नांडीज के रिश्तों पर. चचेरे-ममेरे भाई बहनों के बीच प्रेम या विवाह उत्तर भारतीय हिंदू समाज की नैतिकता में भले ही फिट नहीं […]

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जब नेहरू ने सुपरपावर्स का अहंकार चूर-चूर कर दिया था

February 2, 2026

नेहरू ने उस दौर में जो गुटनिरपेक्षता की नींव रखी थी, उसका सबसे बड़ा इम्तिहान स्वेज की लहरों में ही हुआ था।स्वेज संकट के बाद नासिर ने दुनिया से कहा था ” इजिप्ट के पास अपनी सेना है, लेकिन भारत के पास दुनिया का विवेक Conscience है।” Paw Paw ने तो कोई वॉर नहीं रुकवाई […]

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सुभाष और गांधी: मनभेद नहीं मतभेद – शिवेंद्र श्रीवास्तव

January 23, 2026

सुभाष उन नेताओं में थे, जिन्होंने महात्मा गांधी को हमेशा पूरा आदर दिया. वो ऐसे पहले शख्स भी थे, जिन्होंने गांधीजी को राष्ट्रपिता कहा. उन्होंने हर विदेशी मंच पर गांधी को पूरा सम्मान दिया. वो जहां कहीं भी रहे, गांधी के लिए अवनत रहे. उन्होंने महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहा और गांधी और नेहरू के […]

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शिक्षित भारतीयों के ‘कठोर हृदय’: गांधीजी की वो चेतावनी जो आज सच हो रही है

January 20, 2026

डॉ. रेवरेंड मॉट ने पूछा— “मि. गांधी! आपके सार्वजनिक जीवन में आपको आशा और निराशा दोनों मिली होंगी। आपको किस बात ने सबसे अधिक निराश किया?”गांधी जी का अंग्रेजी में उत्तर छोटा लेकिन मर्मभेदी था: “The iron-like hearts of the educated Indians”. “शिक्षित भारतीयों के लोहे जैसे कठोर हृदय।” ​महात्मा गांधी और डॉ जान रेवरेंड […]

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गांधीजी का भारत में पहला सार्वजनिक भाषण

January 14, 2026

BHU का यह समारोह गांधी के उस एक वर्ष के मौन के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक मंच था।1916 का वह पहला भाषण केवल एक वक्तव्य नहीं था, बल्कि ब्रिटिश साम्राज्यवाद के अंत की घोषणा थी। जब गांधी ने बनारस में हिला दी थी ब्रिटिश साम्राज्य और राजशाही की नींव ​14 जनवरी 1916; वाराणसी में पतित-पावनी […]

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नेहरू और संघ की गोरक्षा की राजनीति:पीयूष बबेले

January 6, 2026

असल बात यह है कि भारत विभिन्‍न संस्‍कृतियों और जीवन पद्धतियों का देश है, जो उत्‍तर भारत के लिये पूज्‍य है, वह पूर्वोत्‍तर में भक्ष्‍य है। लेकिन भाजपा सच्चाई नहीं बोल सकती क्‍योंकि उसकी मंशा गोरक्षा की नहीं गो-राजनीति की है। भाजपा और संघ वाले अक्‍सर ऊंची आवाज में गोकशी के खिलाफ नारा बुलंद करते […]

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