प्रकाशक तो निराला की किताबों को बेचकर अच्छा-ख़ासा धन कमा रहे, पर निराला मुफ़लिसी में जी रहे हैं। अतः अपने खत में नेहरू ने लिखा कि “निराला का उदाहरण प्रकाशकों द्वारा एक लेखक के शोषण का ज्वलंत उदाहरण हैं”। नेहरू ने अकादेमी से यह आग्रह भी किया कि वह कॉपीराइट कानून में कुछ ऐसे बदलाव […]
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