सत्ता प्रतिष्ठान का सिनेमा होने के बजाय ये फिल्में नेहरूवादी राज्य में सामाजिक असमानताओं की आलोचना भी थीं जिसे पंडित नेहरू ‘ प्रमोट ‘ कर रहे थे । पंडित नेहरू यानी वह विश्व राजनेता जिसे अपनी आलोचना पसंद थी । पंडित नेहरू ने फिल्म ‘ पथेर पांचाली ‘ के जरिए न केवल नव-यथार्थवाद ( Neorealism […]
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This is a wonderful story, which sounds better (and rings truer) in the original Hindi. Recently, I came across some documentary proof that Nehru did, indeed, have both affection and admiration for Nirala. Many years ago, the anthropologist Triloki Nath Pandey told me a story featuring Jawaharlal Nehru and the poet Suryakant Tripathi ‘Nirala’. The […]
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पंडित नेहरू के प्रमुख मित्रों में से एक अल्बर्ट आइंस्टीन विज्ञान जगत की सर्वाधिक प्रतिभाशाली शख्सियत थे।नेहरू की तरह ही आइंस्टीन निर्माण और सृजन में यकीन करते थे, अमनपसंद और विश्वशांति के हिमायती थे । पंडित नेहरू के समकालीनों और उनके मित्रों में से एक अल्बर्ट आइंस्टीन विज्ञान जगत की सर्वाधिक प्रतिभाशाली शख्सियत थे जिनके […]
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बुडापेस्ट की एक यहूदी लड़की के रूप में जन्मी फोरी ने बचपन में ही हिंसा और भय का चेहरा देखा।लंदन में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात जवाहरलाल नेहरू के भतीजे बृज कुमार नेहरू से हुई। प्रेम हुआ, और फिर विवाह का निर्णय। यह निर्णय आसान नहीं था।शोभा नेहरू ने लंबा जीवन जिया। उन्होंने दो विश्व […]
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शंकर देश के सबसे पहले चर्चित कार्टूनिस्ट थे, केवल कार्टून पर ही उन्होंने एक साप्ताहिक पत्र निकाला, “शंकर्स वीकली” उन्होंने गांधी, नेहरू, अंबेडकर, सब पर अपने कार्टून बनाये,और किसी भी नेता ने उनके कार्टून को हटाने के लिये नहीं कहा बात 1949 की है कार्टून के जनक केशव शंकर पिल्लई ने कांग्रेस के घोड़े पर […]
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निशिकांत दुबे के भ्रामक आरोपों के संदर्भ में लोकसभा अध्यक्ष ने एक बार भी तथ्यों की प्रामाणिकता को लेकर सवाल नहीं किया। विदित हो कि दुबे ने कहा कि “जब महात्मा गांधी का निधन हुआ तो जवाहरलाल नेहरू शोक मनाने के बजाय एडविना माउंटबेटन के साथ अकेले एक कमरे में थे।” कथित राष्ट्रवादी पार्टी का […]
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आज से 70 साल पहले देश का प्रधानमंत्री अपनी विफलताओं का जिम्मा अपने सर लेता था और देश की आवाम और देश की खुशहाली के लिए अपने आवास में खेती करवा रहा था इसके उलट आज आलीशान महल बनाए जा रहे हैं प्रधानमंत्री के निवास हेतु जबकि भारत आज भी भुखमरी के दलदल में धंसा […]
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राजा महेन्द्रप्रताप, मौलाना बरकतउल्ला के अलावा नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, एमएन राय, कर्मवीर पं. सुन्दर लाल, दुर्गा भाभी, दामोदर स्वरूप सेठ, कुमिल्ला में डीएम स्टीवेंस को उसके बंगले पर मारने वाली बंगाल की क्रांतिकारिणी शांति घोष, काकोरी केस के राजकुमार सिन्हा, झांसी बम कांड के लक्ष्मीकान्त शुक्ल, कानपुर के क्रांतिकारी नारायण प्रसाद अरोड़ा आदि […]
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असल बात यह है कि भारत विभिन्न संस्कृतियों और जीवन पद्धतियों का देश है, जो उत्तर भारत के लिये पूज्य है, वह पूर्वोत्तर में भक्ष्य है। लेकिन भाजपा सच्चाई नहीं बोल सकती क्योंकि उसकी मंशा गोरक्षा की नहीं गो-राजनीति की है। भाजपा और संघ वाले अक्सर ऊंची आवाज में गोकशी के खिलाफ नारा बुलंद करते […]
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कोलकाता मेट्रो की कहानी कुछ ऐसी है कि जैसे किसी शहर के सपने को पहली बार पटरियों पर रखा गया हो, और उस सपने की नींव 29 दिसंबर 1972 को पड़ी, जब इंदिरा गांधी की सरकार ने आधिकारिक रूप से इस परियोजना का शुभारंभ किया। कोलकाता मेट्रो की कहानी कुछ ऐसी है कि जैसे किसी […]
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