by Chitra mali नेहरू के भारत विजन को लेकर अगर हम नए सिरे से विमर्श कर रहे हैं तो यह उनकी दूरदृष्टिता का ही कमाल है जो हमें सोचने के लिए एक नई और व्यापक दृष्टि प्रदान कर रहा है ।महात्मा गांधी ने 1929 में लाहौर में नेहरू को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने से पहले […]
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Salil Desai Despite his incomparable contribution to the making of modern India, Jawaharlal Nehru is a much-reviled man today because of a deliberately twisted history peddled over the decades by right-wingers Yet, for someone like me, born in the late 1960s after Nehru died and thus untouched by his charisma but fairly well acquainted with […]
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हिंदुत्व ब्रिगेड ने एक तरह से उपनिवेशवादी विरोधी या सामाजिक गुलामी विरोधी प्रतीकों का रफ़्ता-रफ़्ता मामूलीकरण किया है या उन्हें बिल्कुल ही गायब कर दिया है। ख़बरों के मुताबिक इस बार 14 नवम्बर–जिसे हम जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन के साथ जोड़ कर देखते आए थे – तमाम स्कूलों में बिल्कुल अलग ढंग से मनाया गया, […]
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यह एक अलग ही तरह की किताब है।यह किसी प्रधानमंत्री की लिखी किताब नहीं है, उनके सरकारी भाषणों का संकलन नहीं है।एक लेखक की, एक प्रकृति प्रेमी की, जनजीवन से जुड़े एक व्यक्ति की लिखी किताब है, उनके राजनीति से इतर लेखों का संकलन है।यह ऐसी किताब है,जो अभी तक जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं, […]
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स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी, देश के पहले प्रधानमंत्री और बच्चों के चाचा नेहरू का बनारस से कुछ अलग सा रिश्ता रहा। वह देश राजनेता, कार्यकर्ता और मेहमान के अलावा मेजबान बनकर भी बनारस आए थे। स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी, देश के पहले प्रधानमंत्री और बच्चों के चाचा नेहरू का बनारस से कुछ अलग सा रिश्ता […]
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Long years ago, we made a tryst with destiny; and now the time comes when we shall redeem our pledge, not wholly or in full measure, but very substantially. At the stroke of the midnight hour, when the world sleeps, India will awake to life and freedom.A moment comes, which comes but rarely in history, […]
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भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत कई व्यक्ति व संगठन जवाहरलाल नेहरू कोकश्मीर समस्या के लिए जिम्मेदार मानते हैं। परंतु इसके विपरीत पूरे विश्वास से यह दावा किया जासकता है कि यदि जवाहरलाल नेहरू और शेख अब्दुल्ला नहीं होते तो जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा नहींबन पाता। भारत को आजादी देने के लिए ब्रिटिश […]
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कई सालों पहले, समाजशास्त्री त्रिलोकी नारायण पाण्डेय ने मुझसे एक घटना का ज़िक्र किया था, जो जवाहरलाल नेहरू और हिंदी के प्रसिद्ध कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ से जुड़ी हुई थी। प्रधानमंत्री नेहरू तब अपनी चीन की यात्रा से लौटे ही थे और अपने गृहनगर इलाहाबाद में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। वह इलाहाबाद, […]
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महादेवी वर्मा द्वारा लिखे गए रेखाचित्र और संस्मरण भारतीय साहित्य की धरोहर हैं। उनका एक ऐसा ही संस्मरण है जवाहरलाल नेहरू के बारे में, शीर्षक है : ‘जवाहर भाई’। नेहरू से अपनी पहली मुलाक़ात के बारे में महादेवी लिखती हैं कि तब वे इलाहाबाद के क्रास्थवेट गर्ल्स कॉलेज में सातवीं कक्षा की छात्रा थीं। एक […]
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